अनुमंडल पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण से मिलकर सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग

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खाद्य सुरक्षा जांच के नाम पर व्यापारियों को भयभीत करने और भारी जुर्माने की शिकायतों पर गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ ने उठाई आवाज

गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट



गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ के पदाधिकारियों ने आज गढ़वा के अनुमंडल पदाधिकारी,कुमार मयंक भूषण से उनके कार्यालय में मुलाकात कर जिले के व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया तथा खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी एवं उनके सहायक और संबंधित कर्मचारियों द्वारा दुकानों में जांच के दौरान कथित मनमानी,जुर्माने की राशि में असमानता तथा व्यापारियों को डराने-धमकाने की शिकायतों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।

महासंघ ने अनुमंडल पदाधिकारी का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकृष्ट कराते हुए बताया कि जिले के विभिन्न व्यापारियों से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि छोटे बड़े दुकानों में अचानक जांच के दौरान कथित रूप से अनुचित दबाव बनाया जाता है तथा छोटी-मोटी अनियमितताओं के मामलों में भी व्यापारियों की आर्थिक स्थिति और कथित उल्लंघन की तुलना में काफी अधिक जुर्माना लगाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

महासंघ के अनुसार, व्यापारियों ने उदाहरण देते हुए बताया है कि कहीं जुर्माने 2,000 हजार रुपये के स्थान पर 20,000 रुपये, 5,000 रुपये के स्थान पर 50,000 रुपये और 10,000 रुपये के स्थान पर 60000 हजार रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ छोटे व्यापारियों का कहना है कि जुर्माने की राशि भरने के लिए उन्हें अपनी पत्नी के गहने तक गिरवी रखने पड़ रहे हैं, जबकि कुछ दुकानदार ब्याज पर पैसे लेकर जुर्माना भरने को मजबूर हो रहे हैं। इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।

खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के पक्ष में है महासंघ

गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ ने स्पष्ट किया कि महासंघ खाद्य सुरक्षा कानूनों एवं नियमों के पालन के विरुद्ध नहीं है। महासंघ जनस्वास्थ्य, उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के महत्व को भली-भांति समझता है। संगठन चाहता है कि सभी व्यापारी निर्धारित नियमों का पालन करें और प्रशासन भी कानून के अनुरूप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करे।

हालांकि, महासंघ का कहना है कि नियमों के अनुपालन के नाम पर किसी भी व्यापारी के साथ भय का वातावरण बनाना, अनुचित दबाव डालना अथवा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना दंडात्मक कार्रवाई करना उचित नहीं है। यदि किसी दुकान में अनियमितता पाई जाती है, तो उसकी दुकान की क्षमता, उपलब्ध साक्ष्य और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी एवं निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ को लेकर चिंता

महासंघ ने कहा कि छोटे एवं मध्यम वर्ग के व्यापारी सीमित पूंजी में अपना व्यवसाय चलाते हैं। ऐसे में भारी जुर्माने की शिकायतें व्यापारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न कर सकती हैं। इन शिकायतों के कारण व्यापारियों में भय,असंतोष और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। यदि समय रहते मामले पर उचित ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

महासंघ ने अनुमंडल पदाधिकारी से आग्रह किया कि प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच कराई जाए, खाद्य सुरक्षा जांच एवं जुर्माने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा यह देखा जाए कि प्रत्येक कार्रवाई संबंधित कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो रही है या नहीं। साथ ही, व्यापारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की दिशा में भी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

प्रशासन और व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय का उद्देश्य

गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य प्रशासन का विरोध करना नहीं, बल्कि प्रशासन और व्यापारियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करना तथा समस्याओं का समाधान संवैधानिक एवं कानूनी तरीके से कराना है।

महासंघ को विश्वास है कि अनुमंडल पदाधिकारी  कुमार मयंक भूषण इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शिकायतों पर उचित संज्ञान लेंगे और व्यापारियों को न्यायोचित राहत दिलाने की दिशा में आवश्यक पहल करेंगे।

इस अवसर पर महासंघ के अध्यक्ष संतोष केसरी, महामंत्री अरविंद गुप्ता, उपाध्यक्ष भुवनेश्वर सोनी, उपाध्यक्ष उमेश केसरी तथा सदस्य अंकित सोनी मुख्य रूप से उपस्थित थे।


गढ़वा जिला व्यावसायिक महासंघ, गढ़वा (झारखंड)

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