गढ़वा। किसी भी समाज की असली ताकत उसकी एकता, उसकी पहचान और उसके आपसी अपनेपन में होती है। गढ़वा में एक ऐसी पहल की शुरुआत हुई है, जो आने वाली पीढ़ियों तक समाज को जोड़ने का संदेश देगी।
गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट
गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र में रहने वाले केसरवानी समाज के प्रत्येक परिवार के घर के बाहर ‘ॐ केसरवानी परिवार, गढ़वा’ का आकर्षक पहचान बोर्ड लगाया जा रहा है।
इस ऐतिहासिक पहल को धरातल पर उतारने का बीड़ा उठाया है समाज के समर्पित सेवक, विवाह परिचय समिति के संयोजक एवं झारखंड प्रदेश केसरवानी वैश्य सभा के वरीय उपाध्यक्ष, केशरी मोहल्ला निवासी श्री प्रदीप केसरी जी (प्रदीप प्लाई) ने, जिन्होंने इस पुनीत कार्य का सम्पूर्ण आर्थिक दायित्व स्वयं उठाया है।
क्या कहा संतोष केसरी जी ने – पूरा बयान:
इस अवसर पर केसरवानी वैश्य सभा, गढ़वा के प्रदेश अध्यक्ष सह कार्यकारी अध्यक्ष श्री संतोष केसरी ने हृदय की गहराइयों से अपनी बात रखी। उनका यह वक्तव्य इस पहल का मुख्य संदेश और प्रेरणा स्रोत है: “मैं आज अत्यंत हर्ष और गर्व के साथ कह रहा हूं कि हमारे समाज के गौरव श्री प्रदीप केसरी जी ने जो पहल की है, वह समाज के प्रति समर्पण की अनूठी मिसाल है। यह केवल एक बोर्ड लगाने का कार्य नहीं है, यह हमारे समाज की एकता, हमारी एक पहचान और हमारे एक परिवार होने का प्रतीक है। पद, पैसा और प्रतिष्ठा से बड़ी होती है समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना, और प्रदीप जी ने यह साबित कर दिया।
मकान तो हर कोई बनाता है, लेकिन अपने घर की दीवार पर समाज की पहचान लिखवाकर पूरे समाज को एक परिवार की तरह जोड़ने का विचार हर किसी के मन में नहीं आता। जब गढ़वा की किसी गली से गुजरते हुए हर घर पर ‘ॐ केसरवानी परिवार’ लिखा दिखेगा, तो हमारी आने वाली पीढ़ी को एहसास होगा कि हम सब कश्यप ऋषि के वंशज हैं, हमारी जड़ें एक हैं। मैं, गढ़वा केसरवानी वैश्य सभा एवं समस्त झारखंड प्रदेश केसरवानी समाज की ओर से प्रदीप केसरी जी को कोटि-कोटि धन्यवाद, साधुवाद और बधाई देता हूं। ईश्वर से कामना करता हूं कि समाज के लिए सेवा और समर्पण की यह भावना आपके मन में हमेशा बनी रहे। मेरी इच्छा है कि गढ़वा से उठी यह एकता की आवाज पूरे झारखंड और पूरे भारतवर्ष के केसरवानी समाज तक पहुंचे हैं ॐ केसरवानी परिवार, जय केशरी समाज।
