रेहला से शशि शंकर तिवारी की रिपोर्ट
त्योहार सिर्फ पूजा-पाठ और रोशनी का नाम नहीं… त्योहार उस रिश्ते का नाम है, जहां दिलों की दूरियां मिटती हैं और भाईचारे की खुशबू पूरे समाज में फैलती है। इसी सोच के साथ विश्रामपुर में आगामी दुर्गा पूजा और दशहरा महोत्सव को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में मनाने को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।
विश्रामपुर अनुमंडलीय थाना परिसर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता प्रशिक्षु डीएसपी मृत्युंजय गोप ने की, जबकि बैठक का संचालन शमशेर अंसारी एवं समाजसेवी राजन पांडेय ने बारी-बारी से किया। बैठक में मौजूद लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ सरकारी गाइडलाइन के अनुरूप दुर्गा पूजा मनाने का निर्णय लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रशिक्षु डीएसपी मृत्युंजय गोप ने कहा कि अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और कोई भी संदिग्ध या महत्वपूर्ण सूचना सीधे पुलिस के साथ साझा करें।
वहीं पुलिस निरीक्षक रामाशीष पासवान ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान पुलिस असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखेगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए पूजा के दौरान पुलिस गश्त भी बढ़ाई जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जयपाल सिंह ने लोगों से आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब कोई पर्व सभी लोग मिलकर मनाते हैं, तो उसकी खुशी और महत्व दोनों और बढ़ जाते हैं।
वहीं थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार दुबे ने सरकार की गाइडलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने खास तौर पर लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह का भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न करें और किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को इसकी जानकारी दें।
बैठक में नौगढ़ ओपी प्रभारी सुशील उरांव, एएसआई रामचंद्र चौधरी, रामचंद्र यादव, बिहारी लाल गुप्ता, पार्षद सुनील कुमार चौधरी, सोना देवी, विजय कुमार रवि, संजय उपाध्याय, राजेश प्रसाद केशरी, गोपाल सोनी, देवनारायण सिंह, मणि राम सहित सभी पूजा पंडालों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक और दोनों समुदायों के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बैठक का संदेश बिल्कुल साफ था कि दुर्गा पूजा आस्था का पर्व है, इसे अफवाह नहीं बल्कि आपसी विश्वास से मनाना है।
मां दुर्गा की भक्ति के साथ भाईचारे की मिसाल कायम करनी है और विश्रामपुर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करना है।
