दुर्गा पूजा में आस्था के साथ दिखेगा भाईचारा, विश्रामपुर-रेहला में बनी सौहार्दपूर्ण पर्व मनाने पर सहमति

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रेहला से शशि शंकर तिवारी की रिपोर्ट

त्योहार सिर्फ पूजा-पंडाल, रोशनी और उत्सव का नाम नहीं…
त्योहार उस रिश्ते का नाम है, जहां अलग-अलग आस्थाएं एक-दूसरे का सम्मान करती हैं और समाज मिलकर शांति का संदेश देता है। इसी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को कायम रखने के संकल्प के साथ विश्रामपुर और रेहला थाना परिसर में गुरुवार को दुर्गा पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में दोनों समुदायों के सैकड़ों गणमान्य लोगों, पूजा समितियों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आपसी विचार-विमर्श के बाद सभी ने पहले की तरह शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के माहौल में दुर्गा पूजा मनाने पर सहमति जताई।

रेहला थाना परिसर में थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मुख्य रूप से एसडीपीओ चिरंजीव मंडल, इंस्पेक्टर रामाशीष पासवान, प्रमुख रंभा देवी और सांसद प्रतिनिधि अनुज पांडेय समेत दोनों समुदायों के सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे। बैठक का संचालन डॉ. बीपी शुक्ला ने किया।

वहीं विश्रामपुर थाना परिसर में प्रशिक्षु डीएसपी सह थाना प्रभारी मृत्युंजय गोप की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। इसमें इंस्पेक्टर रामाशीष पासवान, थाना प्रभारी ऋषिकेश दूबे समेत पुलिस पदाधिकारी और दोनों समुदायों के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। बैठक का संचालन राजन पांडेय और शमशेर आलम ने किया।

बैठक के दौरान पर्व के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, शांति व्यवस्था कायम रखने और किसी भी तरह की अफवाह से बचने को लेकर चर्चा हुई। लोगों ने एक स्वर में कहा कि त्योहार खुशी बांटने का माध्यम है, इसलिए इसे मिल-जुलकर और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाना चाहिए।

रेहला की बैठक में रास बिहारी तिवारी, पूर्व जिला पार्षद फिरोज खान, गुड्डू खान, फरीद खान, आलोक शुक्ला, नजमुद्दीन नूरी, मुन्ना यादव, इंद्रमणि तिवारी, सतीश चौबे, पूर्व पार्षद नरेंद्र राम, वीरेंद्र राम, अशोक तिवारी, अमरेश तिवारी, पंकज कुशवाहा, दिनेश शुक्ला और सिटी मैनेजर ओंकार यादव समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, विश्रामपुर और रेहला में हुई शांति समिति की बैठक ने एक बार फिर यही संदेश दिया कि आस्था अपनी-अपनी हो सकती है, लेकिन शांति और भाईचारा सबका है। दुर्गा पूजा का यह पर्व आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बने, इसी संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ।

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