गढ़वा में डॉक्टरों का हल्लाबोल: IMA ने DC को सौंपा ज्ञापन, 22 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम

Share this News

इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी चालू, 13 से 20 अक्टूबर तक काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे डॉक्टर

गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट


गढ़वा झारखंड में चिकित्सकों की सुरक्षा, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में सुधार और आयुष्मान भारत के लंबे समय से बकाया भुगतानों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), गढ़वा की टीम ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को IMA के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (DC) गढ़वा से मुलाकात कर राज्य के स्वास्थ्य तंत्र की बदहाली और चिकित्सकों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक कड़ा ज्ञापन सौंपा।
22 अक्टूबर को ठप हो सकती हैं ओपीडी सेवाएं
चिकित्सा संगठनों द्वारा घोषित आंदोलन के तहत पूरे जिले में 13 से 20 अक्टूबर तक ‘ब्लैक बैज’ (काला बिल्ला) पहनकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके बाद 21 अक्टूबर को राज्यव्यापी विरोध दर्ज कराया जाएगा। IMA ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो 22 अक्टूबर को राज्यभर में पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व IMA गढ़वा के अध्यक्ष डॉ. अरसद अंसारी, सचिव डॉ. नीतू सिंह, सदस्य डॉ. टी. पियूष और झारखंड सर्जन्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डॉ. निशांत सिंह ने किया।
ज्ञापन में उठीं ये प्रमुख मांगें:
1. डॉक्टरों की सुरक्षा एवं मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट: अस्पतालों में आए दिन होने वाली हिंसा रोकने के लिए झारखंड मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को कड़ाई से लागू किया जाए।
2. सिंगल विंडो सिस्टम व छोटे क्लीनिकों को राहत: क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट के जटिल नियमों में व्यावहारिक संशोधन कर छोटे क्लीनिकों को राहत मिले तथा लाइसेंस नवीनीकरण के लिए सिंगल-विंडो व्यवस्था बने।
3. करियर और आयुष्मान बकाया का भुगतान: डॉक्टरों व दंत चिकित्सकों को DACP योजना का लाभ मिले और आयुष्मान भारत योजना के तहत लंबित करोड़ों रुपये के भुगतानों का तुरंत निपटारा हो।
4. महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा: कार्यस्थल पर महिला चिकित्सकों व कर्मियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों।मरीजों को नहीं होने देंगे परेशानी, आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी”
IMA गढ़वा की सचिव डॉ. नीतू सिंह ने बताया, “हमारा उद्देश्य व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल देना और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है। इस दौरान मरीजों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और आपातकालीन (Emergency) व जीवनरक्षक सेवाएं 24 घंटे निर्बाध रूप से चालू रहेंगी।”IMA प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन और राज्य सरकार सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द से जल्द मांगों का समयबद्ध समाधान निकालेगी, ताकि डॉक्टरों को हड़ताल जैसा कड़ा कदम न उठाना पड़े।
प्रेषक डॉ. नीतू सिंह सचिव, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), गढ़वा (झारखंड)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *