रेहला से शशि शंकर तिवारी की रिपोर्ट
जब कोई मरीज अस्पताल की चौखट तक पहुंचता है, तो उसके साथ सिर्फ एक बीमारी नहीं होती, बल्कि उसके परिवार की उम्मीदें भी जुड़ी होती हैं। ग्रामीण इलाकों से बेहतर इलाज की आस लेकर बड़ी संख्या में मरीज मेदिनीनगर स्थित सदर अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में यदि उन्हें समय पर समुचित इलाज और जरूरी सुविधाएं नहीं मिलें, तो परेशानी सिर्फ मरीज की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की बढ़ जाती है। इसी मुद्दे को लेकर विश्रामपुर के युवा सोनू सिंह ने सदर अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए मरीजों के हित में आवाज उठाई है।
सोनू सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधा की उम्मीद लेकर सदर अस्पताल पहुंचते हैं। लेकिन कई बार मरीजों को आवश्यक सुविधाएं समय पर नहीं मिल पाने की शिकायत सामने आती है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले प्रत्येक मरीज की समस्या को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। मरीज पहले से ही बीमारी और परेशानी से जूझ रहा होता है, ऐसे में समय पर इलाज या जरूरी सुविधा नहीं मिलना उसकी परेशानी को और बढ़ा सकता है।
सोनू सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इलाज में देरी या आवश्यक सुविधा के अभाव में किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है अथवा कोई अप्रिय घटना घटती है, तो आखिर इसकी जवाबदेही किसकी होगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से मरीजों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि मरीजों का इलाज और उनकी सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। अस्पताल आने वाला हर व्यक्ति सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का हकदार है। व्यवस्था में किसी भी कमी का खामियाजा मरीजों और उनके परिजनों को नहीं भुगतना चाहिए।
सोनू सिंह ने स्पष्ट कहा कि मरीजों के हित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर वे आगे भी लगातार आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं की गंभीरता से समीक्षा करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
क्योंकि अस्पताल सिर्फ इलाज की जगह नहीं, बल्कि उन परिवारों की उम्मीद का आखिरी सहारा होता है, जो अपने अपनों को स्वस्थ देखने की आस लेकर वहां पहुंचते हैं।
