गढ़वा से विकाश कुमार की रिपोर्ट
मां की भक्ति में शक्ति है और जब यही भक्ति सेवा का रूप ले ले,तो किसी जरूरतमंद के चेहरे पर आने वाली मुस्कान सबसे बड़ी पूजा बन जाती है,इसी आस्था,सेवा और समर्पण की भावना को लेकर जय मां शेरावाली भंडारा की ओर से इस वर्ष भी मां गढ़देवी के पावन आंचल में भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
हर साल की तरह इस बार भी मां गढ़देवी के दरबार में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों के लिए भंडारे की तैयारी की जा रही है,यह सिर्फ भोजन वितरण का आयोजन नहीं,बल्कि समाज को जोड़ने और सेवा की भावना को मजबूत करने का एक ऐसा प्रयास है,जिसमें हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देकर पुण्य का भागीदार बन सकता है।
इसी भव्य आयोजन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 13 सितंबर 2026, रविवार को मां गढ़देवी मंदिर के प्रांगण में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी,बैठक का समय दोपहर 2:30 बजे निर्धारित किया गया है,इस बैठक में भंडारा आयोजन की तैयारियों,व्यवस्था,जिम्मेदारियों और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी,आयोजन को सफल बनाने के लिए पदाधिकारियों,सदस्यों और भक्तगणों की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आयोजकों की ओर से सभी पदाधिकारियों,सदस्यों एवं मां के भक्तों से विशेष आग्रह किया गया है कि वे रविवार को निर्धारित समय पर मंदिर परिसर में पहुंचें और इस बैठक में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें,वहीं,जो श्रद्धालु जय मां शेरावाली भंडारा से जुड़कर सदस्यता ग्रहण करना चाहते हैं,उनके लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण है,ऐसे इच्छुक भक्तगण निर्धारित तिथि और समय पर बैठक में पहुंचकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं।
कहते हैं,मंदिर में चढ़ाया गया प्रसाद कुछ लोगों तक पहुंचता है,लेकिन सेवा की भावना से बांटा गया भोजन कई दिलों में मां का आशीर्वाद बनकर उतरता है,किसी भूखे के हाथ में भोजन देना,किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना और बिना किसी भेदभाव के इंसानियत की सेवा करना,शायद यही सच्ची भक्ति का सबसे सुंदर रूप है,मां गढ़देवी के पावन दरबार में होने वाला यह भंडारा भी उसी भावना की एक कड़ी है,जहां आस्था होगी,सेवा होगी और मां के चरणों में समर्पण का भाव होगा।
इसलिए आइए,मां के दरबार में सिर्फ दर्शन करने नहीं,बल्कि सेवा के इस संकल्प का हिस्सा बनने पहुंचिए,अपनों को भी जोड़िए और समाज में सेवा की इस परंपरा को और मजबूत बनाइए,तारीख 13 सितंबर 2026 दिन रविवार,समय दोपहर 2:30 बजे,स्थान मां गढ़देवी मंदिर परिसर,आपकी एक उपस्थिति,किसी बड़े आयोजन की ताकत बन सकती है,आपका एक सहयोग,किसी जरूरतमंद के लिए मां का प्रसाद बन सकता है,आइए,मां की भक्ति के साथ सेवा का हाथ बढ़ाएं और मिलकर कहें,जय मां शेरावाली,जय मां गढ़देवी।
