गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट
पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर की मौजूदगी में कल्याणपुर स्थित आवास पर झामुमो में लौटे करीब अंसारी
राजनीति में वक्त बदलता है, रास्ते बदलते हैं और राजनीतिक समीकरण भी बदलते रहते हैं। लेकिन जब कोई नेता अपने पुराने राजनीतिक घर में लौटता है, तो उस वापसी के मायने भी चर्चा का विषय बन जाते हैं। गढ़वा की राजनीति में आज कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब राजद के करीबी माने जाने वाले करीब अंसारी ने एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का दामन थाम लिया।
पूर्व मंत्री एवं झामुमो के वरिष्ठ नेता मिथिलेश कुमार ठाकुर की मौजूदगी में आज कल्याणपुर स्थित उनके आवास पर करीब अंसारी की झामुमो में वापसी हुई। इस घटनाक्रम को लेकर जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
करीब अंसारी की यह वापसी ऐसे समय में हुई है, जब गढ़वा की राजनीति में विभिन्न दलों के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की गतिविधियां जारी हैं। राजद के करीब माने जाने वाले अंसारी का फिर से झामुमो के साथ जुड़ना उनके राजनीतिक सफर में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीति में किसी भी वापसी का महत्व केवल दल बदलने तक सीमित नहीं होता, बल्कि इससे पुराने संबंधों, राजनीतिक विचारों और भविष्य की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते हैं। ऐसे में करीब अंसारी की झामुमो में वापसी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक सक्रियता किस रूप में सामने आती है।
फिलहाल, कल्याणपुर स्थित आवास पर हुई इस वापसी के साथ करीब अंसारी एक बार फिर झामुमो के साथ अपनी राजनीतिक पारी आगे बढ़ाने के लिए लौट आए हैं। अब उनकी अगली राजनीतिक भूमिका पर सबकी नजरें रहेंगी।
