गढ़वा से विकाश कुमार की रिपोर्ट
जनता से जुड़ने के लिए हमेशा बड़े मंच,लंबी बैठक और औपचारिक मुलाकात जरूरी नहीं होती,कभी सड़क किनारे एक छोटी सी चाय की दुकान पर बैठकर दो घूंट चाय के साथ लोगों का हाल पूछ लेना भी दिलों की दूरी कम कर देता है,कुछ ऐसा ही सहज और आत्मीय नजारा आज गढ़वा में देखने को मिला,जब विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी अचानक आम लोगों के बीच पहुंचे और चाय की चुस्कियों के साथ क्षेत्र का हाल जाना,अचला ओवरब्रिज के समीप स्थित अमृत तुल्य चाय दुकान पर विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने रुककर स्थानीय लोगों के साथ कुछ वक्त बिताया,यह दुकान दुबे मरहटिया निवासी युवा प्रियांशु दुबे द्वारा संचालित की गई है,विधायक के दुकान पर पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों के बीच सहज माहौल बन गया और देखते ही देखते चाय की प्याली के साथ क्षेत्र की बातें शुरू हो गईं।
चाय के साथ हुई क्षेत्र की चर्चा :- विधायक ने स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय पी और उनसे क्षेत्र के हाल चाल की जानकारी ली,इस दौरान स्थानीय मुद्दों,लोगों की समस्याओं और क्षेत्र की गतिविधियों को लेकर भी बातचीत हुई,विधायक ने लोगों की बातें सुनीं और आम लोगों के बीच सहज तरीके से संवाद किया,इस मुलाकात की खास बात यह रही कि यहां कोई औपचारिक मंच नहीं था,कोई भाषण नहीं था और न ही किसी तरह की राजनीतिक औपचारिकता,सड़क किनारे एक चाय की दुकान थी,सामने अपने क्षेत्र के लोग थे और उनके बीच बैठकर विधायक उनकी बातें सुन रहे थे।
युवा की मेहनत को मिला सम्मान :- इस दौरान विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने युवा प्रियांशु दुबे की मेहनत और ऊर्जा की सराहना की,उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं का अपने पैरों पर खड़ा होने का प्रयास और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का जज्बा निश्चित रूप से प्रेरणादायक है,प्रियांशु दुबे द्वारा शुरू की गई अमृत तुल्य चाय दुकान भले ही आकार में छोटी हो,लेकिन इसके पीछे छिपी मेहनत और आत्मनिर्भर बनने की सोच बड़ी है,विधायक ने प्रियांशु के प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आगे भी इसी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
सादगी में दिखा अपनापन :- विधायक का इस तरह आम लोगों के बीच रुकना और चाय की दुकान पर बैठकर बातचीत करना स्थानीय लोगों को भी अच्छा लगा,जनप्रतिनिधि और जनता के बीच जब संवाद बिना किसी औपचारिकता के होता है,तो उसमें समस्याओं के साथ साथ लोगों की उम्मीदें और भावनाएं भी सामने आती हैं,आज की यह मुलाकात भी कुछ ऐसी ही रही,एक चाय की प्याली,कुछ पल का साथ और क्षेत्र के लोगों से दिल से संवाद,कहते हैं,रिश्ते बड़े मंचों से नहीं,बल्कि छोटे छोटे अपनापन भरे पलों से मजबूत होते हैं,अचला ओवरब्रिज के पास हुई यह चाय पर चर्चा भी उसी अपनापन और संवाद की एक खूबसूरत तस्वीर बनकर सामने आई,जहां विधायक ने जनता का हाल जाना तो वहीं एक युवा की मेहनत को सम्मान और प्रोत्साहन भी दिया।
