घर की नींव दीवारों से नहीं, बुजुर्गों के आशीर्वाद और अनुभव से मजबूत होती हैं। दादा-दादी व नाना-नानी परिवार के मुख्य कड़ी हैं।

Share this News

गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट

घर की नींव दीवारों से नहीं, बुजुर्गों के आशीर्वाद और अनुभव से मजबूत होती हैं। दादा-दादी व नाना-नानी परिवार के मुख्य कड़ी हैं। दादा-दादी एवं नाना-नानी का प्यार और दुलार ही न्यारा है।
स्थानीय जीएन कान्वेंट स्कूल के एसेंबली सभागार में ग्रैंड पैरेंट्स डे के अवसर पर एक संस्कारशाला उदबोधन कार्यक्रम आयोजन किया गया जिसके तहत उपस्थित छात्र-छात्राओं ने बड़ों को आदर और सत्कार करने की बातें जानी। उपस्थित छात्र-छात्राओं को  संबोधित करते हुए विद्यालय की निदेशक मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि दादा-दादी तथा नाना-नानी जीवन का सबसे अनमोल उपहार हैं। वे हमेशा अपने बच्चों और नाती पोतों का ख्याल रखते हैं,हालांकि आधुनिक युग में दुनिया के बदलते स्वरूप के कारण कई लोग अपनी परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं जो अच्छी बात नहीं है। एकल परिवारों ने पारिवारिक मूल्यों की संरचना को बदल दिया है लेकिन इससे लोगों को दादा-दादी के महत्व का भी एहसास हुआ है।दादा-दादी पूरे परिवार के स्तंभ हैं जो अपने बच्चों और उनके बच्चों के देखभाल करते हैं। वे अपने प्यार और स्नेह से पूरे परिवार को एक साथ सूत्र में बांधे रखते हैं। दादा-दादी अपने नाती-पोतों पोतियों पर खूब प्यार बरसते हैं और स्वयं बच्चे बनकर उनके साथ खेलते हैं, मन बहलाते हैं, उन्हें जीवन शैली बताते हैं,उन्हें दुलारते हैं लेकिन जब बच्चे कोई गलती करते हैं तो उन्हें सुधारने वाली पहले व्यक्ति भी वही होते हैं जो प्यार से अपनी नाती पोतों को जीवन में मार्गदर्शन करते हैं। उन्हें सही संस्कार व नैतिकता सीखाते हैं ताकि वह बेहतर इंसान बन सके। वे परिवार के मुख्य कड़ी और आधार हैं। उनका प्यार और दुलार ही न्यारा है। वहीं उनका महत्व किसी अनमोल खजाने से कम नहीं होता है, जो अपने प्यार,ज्ञान और सहयोग से हमारे जीवन को सजाते  संवारते हैं। उनका मार्गदर्शन और दयालुता हमें बेहतर इंसान बनने और पारिवारिक बंधनों को हमेशा संजोकर रखने के लिए प्रेरित करती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में जूनियर विंग के इंचार्ज खुर्शीद आलम,वीरेंद्र शाह, मुकेश भारती, दिनेश कुमार, नीरा शर्मा, नीलम कुमारी, सरिता दुबे,शिवानी कुमारी,चंदा कुमारी,वर्षा कुमारी, सुनीता कुमारी, मधु कुमारी,हीरामन महतो, नवनीत ठाकुर,संतोष प्रसाद, आदि की सक्रिय सहभागिता रही। धन्यवाद ज्ञापन उपप्राचार्य बसंत ठाकुर ने किया जबकि मंच संचालन सीनियर वर्ग का निखिल कुमार ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *