गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट
बच्चों को ई कचरा प्रबन्धन हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। ई कचरा का सही जगह पहुंचाना हमारी समझदारी होनी चाहिए। स्थानीय जीएन कान्वेंट(10+2) स्कूल में ई कचरा निस्तारण पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक मदन प्रसाद केशरी,प्राचार्य चंद्रभूषण सिन्हा तथा इस कार्यक्रम के नोडल इंचार्ज नीरा शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में निदेशक ने कहा कि ई कचरा (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) का उचित और वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना आज के समय की सबसे बड़ी और गंभीर समस्या है। आज का युग प्रौद्योगिकी और डिजिटल उपकरणों का है। मोबाइल फोन,कंप्यूटर, लैपटॉप,टेलीविजन, कैलकुलेटर और इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बिना जीवन जीने की कल्पना करना कठिन हो गया है। इसके साथ ही इनके अनुपयोगी उपकरणों का जीवन में कई समस्याएं ला सकती हैं, जिन्हें इधर-उधर फेंकने से हमारे आसपास कई तरह की स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। इस प्रकार फेंके गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को ई कचरा कहा जाता है। जब इस कचरे को खुले में फेंका जाता है या साधारण कचरे के साथ जलाया जाता है तो विषैला तत्व मिट्टी और भूजल को प्रदूषित करते हैं। इससे कैंसर,तंत्रिका तंत्र की क्षति और किडनी सम्बन्धी जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। ई कचरा के दुष्प्रभाव से बचने के लिए इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण बहुत ही जरूरी है। हमें उपकरणों को जल्दी-जल्दी बदलने के बजाय उनकी मरम्मत करा कर पुनः इस्तेमाल करना चाहिए। यह भी इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन का सही तरीका है। वहीं आम जनता और उद्योग कंपनियों को जागरूक करने की जरूरत है। पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को कबाड़ में ना फेंक कर ई कचरा संग्रहण केंद्रों पर जमा किया जाए। यह कचरा मात्र एक कचरा ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए एक छिपा हुआ बम जैसा है। यदि समय रहते इसका उचित और सुरक्षित निस्तारण नहीं किया गया तो यह हमारे आने वाली पीढियां के लिए असहनीय संकट बन जाएगा। सरकार, उद्योग और हम सबको मिलकर इसके सही प्रबंधन का संकल्प लेना चाहिए ताकि हमारी धरती हरी-भरी और सुरक्षित बनी रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में उपप्राचार्य वसंत ठाकुर, संतोष प्रसाद, वीरेंद्र शाह, दिनेश कुमार,मुकेश भारती,हीरामन मेहता,सरिता दुबे,नीलम केशरी, सुनीता कुमारी,चंदा कुमारी,वर्षा कुमारी आदि की भूमिका सराहनीय रही। मंच का संचालन दिनेश कुमार ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन सीनियर वर्ग का छात्र भास्कर तिवारी ने किया।
