गढ़वा से विकास कुमार की रिपोर्ट
सावन की अंतिम सोमवारी एवं श्रावणी पूर्णिमा को लेकर गढ़वा पुलिस सतर्क, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के किए गए पुख्ता इंतजाम
सावन की अंतिम सोमवारी एवं आगामी श्रावणी पूर्णिमा (28 अगस्त) के अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों एवं पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए गढ़वा पुलिस द्वारा सुरक्षा, विधि-व्यवस्था एवं यातायात प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उन्हें सुगम एवं व्यवस्थित तरीके से पूजा-अर्चना कराने के उद्देश्य से जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पुलिस अधीक्षक, गढ़वा के निर्देशानुसार सभी प्रमुख पूजा स्थलों पर भीड़ नियंत्रण, महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। भीड़ वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यकतानुसार बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखा जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस बल द्वारा लगातार पेट्रोलिंग भी की जा रही है तथा भीड़ की स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाई जा रही है। महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस पदाधिकारी तैनात हैं, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
त्योहार के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को भी विशेष रूप से व्यवस्थित किया गया है। शहर एवं प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न न हो तथा श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार वाहनों के परिचालन को नियंत्रित अथवा प्रतिबंधित किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थलों को चिन्हित कर व्यवस्था की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें तथा मंदिर एवं पूजा स्थलों के आसपास अनावश्यक रूप से वाहन न ले जाएं। मंदिरों के चारों ओर वाहनों की आवाजाही पर रोक है, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को सुरक्षित एवं सुचारु रूप से नियंत्रित किया जा सके।
