आकाश लोहार
गढ़वा
परती पंचायत के लोगों के लिए अब रास्ते सिर्फ मंजिल तक पहुंचने का जरिया नहीं रहे,बल्कि हर कदम पर एक अनजाने डर की वजह बन गए हैं,कब कहां से आवारा सांड दौड़ता हुआ आ जाए और किसे अपना निशाना बना दे किसी को पता नहीं,इसी डर के बीच एक बार फिर आवारा सांड ने ऐसा उत्पात मचाया कि त्रिभुवन बैठा की कार को क्षतिग्रस्त कर दिया,कार को हुआ नुकसान शायद पैसे देकर ठीक हो जाएगा,लेकिन ग्रामीणों के मन में बैठा डर इतनी आसानी से कैसे दूर होगा।
ग्रामीण बताते हैं कि यह कोई पहली घटना नहीं है,यह सांड पहले भी कई जगहों पर नुकसान पहुंचा चुका है,कभी वाहन इसकी चपेट में आते हैं,तो कभी राहगीरों के सामने खतरा खड़ा हो जाता है,सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों को है,जिनके बच्चे रोज स्कूल आते जाते हैं और बुजुर्ग जरूरी काम से घर से बाहर निकलते हैं,आज निशाना एक कार बनी है,लेकिन सवाल यह है कि अगली बार निशाना कौन होगा,क्या किसी बच्चे के घायल होने का इंतजार किया जाएगा,क्या किसी परिवार के आंगन में मातम पसरने के बाद प्रशासन जागेगा,या फिर उससे पहले इस खतरे को रोकने की पहल होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि आवारा सांड को लेकर प्रशासन से पहले भी रेस्क्यू की मांग की जा चुकी है,विशेष रेस्क्यू अभियान चलाने की बात भी कही गई थी,लेकिन समस्या आज भी वहीं खड़ी है और ग्रामीणों का डर लगातार बढ़ता जा रहा है,अब ग्रामीणों की मांग सिर्फ इतनी नहीं है कि सांड को पकड़ लिया जाए,उनकी मांग है कि तत्काल रेस्क्यू टीम भेजी जाए और जब तक सांड सुरक्षित रूप से पकड़ा नहीं जाता,टीम वापस न लौटे।
क्योंकि प्रशासन के लिए यह शायद एक आवारा सांड का मामला हो,लेकिन परती के ग्रामीणों के लिए यह हर दिन अपने परिवार की सुरक्षा का सवाल है,एक कार का टूटना आर्थिक नुकसान है,लेकिन किसी इंसान की जिंदगी चली गई,तो वह नुकसान कभी वापस नहीं आएगा।
इसलिए प्रशासन से ग्रामीणों की गुहार है,किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार मत कीजिए,आज ही कार्रवाई कीजिए,इस आवारा सांड को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाइए और परती पंचायत के लोगों को डर के इस साये से मुक्ति दिलाइए,क्योंकि खबर तब नहीं बननी चाहिए,जब कोई घायल हो जाए,खबर तो आज इसलिए बननी चाहिए,ताकि कल कोई घायल न हो।
